बादलों ने बढ़ाई मुसीबत, छत्तीसगढ़ के 24 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
सरगुजा में मूसलाधार बारिश से हालात बिगड़े, बलरामपुर में स्कूल बंद; अंबिकापुर में घरों तक पहुंचा नालियों का पानी, गंगरेल से छोड़ा गया पानी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश के ऊपर बने लो प्रेशर एरिया के कारण प्रदेश के उत्तरी और मध्य भाग में बारिश का दौर तेज हो गया है। सरगुजा और बिलासपुर संभाग में भारी बारिश से सड़क, नाली और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
पिछले 24 घंटे में सरगुजा के पोंडी बचरा में 140 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रही। बलरामपुर में बारिश की स्थिति को देखते हुए स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया। अंबिकापुर में ड्रेनेज सिस्टम प्रभावित होने से कई रिहायशी इलाकों में नालियों का पानी घरों और दुकानों में घुस गया।
दुर्ग-भिलाई में भी बरसे बादल
दुर्ग-भिलाई में पिछले एक सप्ताह के दौरान 70.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। 30 अगस्त को क्षेत्र में एक दिन में 29.4 मिलीमीटर पानी बरसा। बारिश के चलते मौसम में ठंडक बढ़ी है और कई जगह दिन-रात के तापमान में ज्यादा अंतर नहीं रहा।
बिजली गिरने का खतरा
मौसम विभाग ने प्रदेश के 24 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। बस्तर संभाग में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। मौसम के मद्देनजर लोगों को खुले और संवेदनशील स्थानों पर सावधानी बरतने की जरूरत है।
गंगरेल बांध के गेट खोले
बारिश के बीच गंगरेल बांध के दो गेट खोले गए हैं। यहां से 4 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी रुद्री बैराज की ओर छोड़ा गया है। प्रशासन ने बांध के आसपास बसे गांवों में अलर्ट जारी कर निगरानी बढ़ा दी है।
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