सूदखोरी विवाद में कारोबारी की हत्या: दो महीने बाद फरार आरोपी दबोचा गया
पैसों के लेन-देन से उपजा था विवाद, सामूहिक हमले में गई कारोबारी की जान
*दुर्ग में सूदखोरी से जुड़े विवाद में हुए कारोबारी की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना के करीब दो महीने बाद फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस हत्याकांड में अब तक 11 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश अभी भी जारी है।*
दुर्ग। पुलिस के अनुसार, मृतक वेदुरवाडा संतोष आचारी सोना-चांदी का व्यवसाय करने के साथ-साथ ब्याज पर पैसा देने का काम भी करता था। उसकी पत्नी वी. रानी सोनी (46), निवासी शीतला नगर, दुर्ग ने 7 नवंबर 2025 को सिटी कोतवाली थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
शिकायत में बताया गया कि संतोष आचारी ने चैत्रराम सोनी उर्फ दादू को ब्याज पर रकम दी थी, जिसे वह लंबे समय से वापस नहीं कर रहा था। इसी लेन-देन को लेकर दोनों के बीच कई बार विवाद हो चुका था।
*हत्या से पहले पत्नी को किया था फोन*
घटना वाले दिन तड़के करीब 3 से 4 बजे के बीच संतोष आचारी ने अपनी पत्नी को फोन कर बताया था कि पैसे की मांग को लेकर उसका दादू सोनी से विवाद हो गया है। उसने यह भी कहा था कि दादू सोनी का बेटा और उसके कुछ साथी भी मौके पर मौजूद हैं।
कुछ ही घंटों बाद सुबह करीब 7 बजे अस्पताल से परिजनों को संतोष आचारी की हत्या की सूचना मिली, जिससे परिवार में कोहराम मच गया।
*सामूहिक हमले में हुई थी हत्या*
पत्नी की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 567/2025 दर्ज कर धारा 103(1), 331(8), 111(2)(ए) बीएनएस के तहत जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि यह कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि पुरानी रंजिश और लेन-देन के विवाद का परिणाम थी।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सुरागों और पूछताछ के आधार पर खुलासा किया कि आरोपियों ने मिलकर संतोष आचारी पर हमला किया था।
*पहले ही 10 आरोपी भेजे जा चुके थे जेल*
तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने हत्या में शामिल 10 आरोपियों को हिरासत में लिया था। पूछताछ में आरोपियों ने सामूहिक रूप से मारपीट कर हत्या करना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त हथियार भी बरामद किए गए। सभी 10 आरोपियों को 8 नवंबर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था।
*दो महीने बाद पकड़ाया फरार आरोपी*
हालांकि, इस मामले में धनराज सेन उर्फ धन्नु फरार चल रहा था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।
इसी दौरान 15 जनवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी शिवनाथ नदी के पास स्थित शिव मंदिर के आसपास देखा गया है।
सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया।
*शिवनाथ नदी किनारे हुई गिरफ्तारी*
गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में अपना नाम धनराज सेन उर्फ धन्नु (28) निवासी ढीमर पारा, दुर्ग बताया। पुलिस पूछताछ में उसने भी हत्या की वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
*एक आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर*
पुलिस ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल अर्पित सिंह अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
suntimes 