छत्तीसगढ़ की साक्षी मुदलियार ने यूपीएससी ईएसई में मचाया धमाल, हासिल की AIR 28…. जानें सफलता की कहानी

छत्तीसगढ़ की साक्षी मुदलियार ने यूपीएससी ईएसई में मचाया धमाल, हासिल की AIR 28…. जानें सफलता की कहानी

बेटी साक्षी मुदलियार ने ऑल इंडिया रैंक 28 प्राप्त कर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है। इस उत्कृष्ट रैंक के साथ साक्षी का चयन भारतीय रेलवे के आईआरएमएस (इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस) कैडर में होगा, जिसे देश की सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी सेवाओं में गिना जाता है।

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) द्वारा आयोजित इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जामिनेशन (ईएसई) का परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सिविल इंजीनियरिंग वर्ग के 202 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है।

इसमें दुर्ग की होनहार बेटी साक्षी मुदलियार ने ऑल इंडिया रैंक 28 प्राप्त कर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है। इस उत्कृष्ट रैंक के साथ साक्षी का चयन भारतीय रेलवे के आईआरएमएस (इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस) कैडर में होगा, जिसे देश की सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी सेवाओं में गिना जाता है।

प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए बनीं प्रेरणा

साक्षी मुदलियार की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि छत्तीसगढ़ के हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। अनुशासन, निरंतर अध्ययन और लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पण, यही उनकी सफलता के मूल मंत्र रहे हैं।

शिक्षक परिवार , मजबूत शैक्षणिक आधार

साक्षी के पिता वी. एस. टी. रमन भिलाई के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सेक्टर-10 में गणित के वरिष्ठ व्याख्याता रह चुके हैं। वहीं उनकी माता आशा मुदलियार वर्तमान में राजनांदगांव जिले के खैरझिटी स्थित उच्चतर माध्यमिक शाला में प्राचार्या के पद पर पदस्थ हैं। साक्षी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डीपीएस रिसाली, भिलाई से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने एनआईटी रायपुर से उच्च शिक्षा ग्रहण की। शिक्षा के हर चरण में उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ती रहीं।

रक्षा मंत्रालय में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर कार्यरत

साक्षी मुदलियार वर्तमान में रक्षा मंत्रालय (मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस) में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। वे नागपुर स्थित आर्मी स्टेशन में अपनी सेवाएं दे रही हैं। इस पद पर उनका चयन ईएसई 2022 परीक्षा के माध्यम से हुआ था। ईएसई 2025 में मिली यह नई सफलता उनके निरंतर परिश्रम, अनुशासन और उत्कृष्टता का प्रमाण है।