दुर्ग पुलिस का वार्षिक लेखा-जोखा: एसएसपी विजय अग्रवाल ने प्रेस वार्ता में किया खुलासा

  • 2025 में 10,927 अपराध दर्ज, 93 प्रतिशत मामलों का निराकरण
  • नशे के खिलाफ अभियान में करोड़ों की शराब व मादक पदार्थ जब्त
  • हत्या, लूट और महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई
  • ऑपरेशन मुस्कान में 181 गुमशुदा बच्चे सकुशल बरामद
  • बांग्लादेशी नागरिकों, पशु तस्करों और गैंगस्टरों पर कड़ी कार्रवाई

दुर्ग पुलिस ने वर्ष 2025 के लिए अपना वार्षिक रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए दावा किया है कि बढ़ती आबादी, अपराध के नए तौर-तरीकों और वाहनों की संख्या के बावजूद जिले में कानून व्यवस्था को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया गया। आधुनिक तकनीक, सतत गश्त, जागरूकता अभियानों और सख्त कार्रवाई के चलते गंभीर अपराधों में संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार कर अधिकांश मामलों का समयबद्ध निराकरण किया गया।

दुर्ग। दुर्ग जिले में वर्ष 2025 के दौरान कुल 10,927 अपराध पंजीबद्ध किए गए, जिनमें से 93 प्रतिशत मामलों का निराकरण कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार नए आपराधिक कानून (बीएनएस/बीएनएसएस) के तहत प्रत्येक शिकायत पर तत्काल अपराध दर्ज किया गया।

गंभीर अपराधों पर सख्ती

वर्ष 2025 में शरीर से संबंधित 3,815 अपराध दर्ज हुए, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण और गंभीर चोट जैसे मामले शामिल हैं। इन प्रकरणों में 5,632 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कई ब्लाइंड मर्डर केस सुलझाकर आरोपियों को जेल भेजा।

संपत्ति अपराधों में खुलासा

डकैती, लूट, नकबजनी और चोरी के 1,360 मामलों में तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और पुराने अपराध पैटर्न के आधार पर कार्रवाई करते हुए 8.85 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति बरामद की गई।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा

महिलाओं के खिलाफ अपराधों में त्वरित कार्रवाई करते हुए जिले की महिला अनुसंधान यूनिट (IUCW) द्वारा मामलों की सतत निगरानी की गई। वर्ष 2025 में 395 मामले दर्ज हुए और 489 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।

स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान के तहत 13,188 बच्चों को गुड टच-बैड टच और साइबर अपराधों की जानकारी दी गई।

नशे के खिलाफ निर्णायक अभियान

  • अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया।
  • 10,794 लीटर अवैध शराब जब्त
  • एनडीपीएस एक्ट के तहत 133 प्रकरण, 308 गिरफ्तारियां
  • गांजा, हेरोइन, ब्राउन शुगर और नशीली दवाओं की करोड़ों रुपये की बरामदगी

तस्करों की 3.27 करोड़ की संपत्ति सीज

गुमशुदा बच्चों की रिकॉर्ड बरामदगी

ऑपरेशन मुस्कान के तहत दुर्ग पुलिस ने 181 गुमशुदा बच्चों को सकुशल बरामद कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। वर्ष 2025 में कुल 88 प्रतिशत गुमशुदा बच्चों की बरामदगी दर्ज की गई।

अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई

  • 7 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, विदेशी अधिनियम के तहत कार्रवाई
  • पशु तस्करी के मामलों में वाहन जब्ती और गैंग हिस्ट्रीशीट
  • आम्र्स एक्ट में 77% अधिक कार्रवाई, सैकड़ों हथियार जब्त

यातायात और साइबर अपराध

यातायात नियमों के उल्लंघन पर 1.16 लाख से अधिक चालान किए गए और 3.80 करोड़ रुपये का समन शुल्क वसूला गया।

वहीं साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई कर लाखों रुपये होल्ड कर पीड़ितों को राहत दी गई।

तकनीकी और प्रशासनिक नवाचार

  • त्रिनयन ऐप से 20 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों की निगरानी
  • सशक्त मोबाइल ऐप से 132 चोरी के वाहन बरामद
  • साइबर प्रहरी व्हाट्सएप ग्रुप से 2 लाख लोग जुड़े

दुर्ग पुलिस का कहना है कि अपराध और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण, आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा और तकनीक आधारित पुलिसिंग ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आने वाले वर्ष में भी इसी रणनीति के तहत और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।