विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस पर प्रकृति प्रेमियों ने दिया संदेश – ‘स्वच्छ हवा, स्वस्थ जीवन’
26 सितंबर 2025 को मनाया गया पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस, इस वर्ष की थीम रही ‘साफ हवा, स्वस्थ लोग’
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा 2011 से शुरू किए गए विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस का आयोजन हर साल 26 सितंबर को किया जाता है। इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी प्रशांत कुमार क्षीरसागर ने कहा कि जिस प्रकार हम अपने शरीर के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं, उसी तरह पर्यावरण की सेहत का ख्याल रखना भी हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
भिलाई। विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर 26 सितंबर 2025 को विभिन्न पर्यावरणप्रेमियों ने स्वच्छता और स्वास्थ्य के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। प्रकृति प्रेमी प्रशांत कुमार क्षीरसागर ने बताया कि स्वच्छ पर्यावरण ही हमें स्वच्छ हवा में सांस लेने और निरोगी जीवन जीने का अवसर देता है। यदि पर्यावरण का क्षरण होगा तो मानव स्वास्थ्य भी खतरे में पड़ जाएगा।
इस वर्ष की थीम ‘साफ हवा, स्वस्थ लोग’ पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण आज की सबसे बड़ी चुनौती है। शुद्ध व स्वच्छ हवा ही अच्छे स्वास्थ्य की गारंटी है और इसका संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस की शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वर्ष 2011 में की थी, ताकि विश्वभर में पर्यावरण व स्वास्थ्य संरक्षण की एक समान जागरूकता विकसित हो सके। इस दिन विभिन्न सेमिनार, कार्यशालाएं और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाते हैं, जिनमें पर्यावरण प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य पर सार्थक चर्चा होती है।
कार्यक्रम में परिवार के सदस्य ओम क्षीरसागर, पियुष क्षीरसागर, आदित्य नारायण शर्मा, मृणाल दत्ता, योगेश कुमार भुवार्या और ब्रह्मानंद राव सहित कई पर्यावरणप्रेमियों ने सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने मिलकर यह प्रेरक नारा भी दिया – “जितना स्वस्थ होगा पर्यावरण, उतना ही सुंदर होगा जीवन।”
नवरात्रि पर्व के साथ जुड़े इस आयोजन में ‘स्वस्थ योग करो, निरोग रहो’ का संदेश देते हुए लोगों को पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता की ओर प्रेरित किया गया।
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