कचरे और कृषि अवशेषों से बनेगी ऊर्जा, आंध्र में CBG प्लांट लगाएगी रिलायंस

1 लाख करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा, अनंत अंबानी बोले- किसान खाद्य सुरक्षा के साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता में भी निभाएंगे भूमिका

कचरे और कृषि अवशेषों से बनेगी ऊर्जा, आंध्र में CBG प्लांट लगाएगी रिलायंस

कृषि अवशेषों और जैविक कचरे से ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज आंध्र प्रदेश में 1 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगी। कंपनी कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित करेगी, जिससे 3 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने का दावा किया गया है। रिलायंस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने मदनपल्ले में आयोजित समारोह में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि किसान अब देश की खाद्य सुरक्षा के साथ ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

आंध्र प्रदेश (A)। देश में स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने आंध्र प्रदेश में 1 लाख करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की है। कंपनी राज्य में कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित करेगी। रिलायंस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने 2 अक्टूबर को मदनपल्ले में आयोजित एक कार्यक्रम में निवेश की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना से 3 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा राज्य सरकार को भविष्य में लगभग 60 हजार करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हो सकता है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद रहे। इस दौरान अनंत अंबानी ने उनसे मुलाकात की।

खेतों के अवशेष बनेंगे ऊर्जा उत्पादन का माध्यम

अनंत अंबानी ने कहा कि भारत के किसान देश की खाद्य सुरक्षा का आधार हैं। अब कृषि अवशेषों और जैविक संसाधनों के माध्यम से वे ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में भी योगदान देंगे। इससे भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मदद मिलेगी।

सीबीजी उत्पादन में पराली, पशुओं के गोबर, खाद्य अपशिष्ट और अन्य जैविक पदार्थों का उपयोग किया जाता है। इनसे तैयार मीथेन गैस को शुद्ध और संपीड़ित करके ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका उपयोग परिवहन, उद्योग और व्यावसायिक गतिविधियों में किया जाता है।

इस तकनीक का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि गैस उत्पादन के बाद बचने वाले जैविक पदार्थों का उपयोग खाद के रूप में किया जा सकता है। इससे किसानों को अतिरिक्त संसाधन मिलने के साथ जैविक कचरे के बेहतर प्रबंधन को भी बढ़ावा मिल सकता है।

राज्य को 60 हजार करोड़ राजस्व मिलने का अनुमान

कंपनी की ओर से घोषित निवेश परियोजना से रोजगार और राजस्व के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। सीबीजी प्लांट के लिए कृषि अवशेषों और अन्य जैविक संसाधनों की जरूरत होगी। इससे कृषि आधारित आपूर्ति व्यवस्था और उससे जुड़े रोजगार के अवसर विकसित हो सकते हैं।

40 हजार करोड़ से बनेगा रायलसीमा हॉर्टिकल्चर हब

कार्यक्रम में अनंत अंबानी ने रायलसीमा हॉर्टिकल्चर हब की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में 40 हजार करोड़ रुपए के निवेश से इस हब को विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से बागवानी और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना रायलसीमा क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम में इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की आधारशिला भी रखी गई। इन परियोजनाओं के जरिए क्षेत्र में कृषि, तकनीक और रोजगार के नए अवसर विकसित करने की योजना है।