खास समाचार : कोल घोटाले में EOW की अंतिम चार्जशीट आज: 9 आरोपियों की कोर्ट में पेशी, 170 करोड़ की संपत्ति जब्ती का दावा

जांच एजेंसी ने नेताओं-अफसरों तक रकम पहुंचने का किया दावा; चार्जशीट में चुनावी खर्च, प्रॉपर्टी और ज्वेलरी खरीद का भी उल्लेख

खास समाचार : कोल घोटाले में EOW की अंतिम चार्जशीट आज: 9 आरोपियों की कोर्ट में पेशी, 170 करोड़ की संपत्ति जब्ती का दावा

छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल लेवी मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो सोमवार को स्पेशल कोर्ट में अंतिम आरोप पत्र पेश करेगा। 570 करोड़ रुपए के कथित घोटाले में 9 आरोपियों को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किए गए हैं। एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान अवैध वसूली की रकम के लेनदेन से जुड़े साक्ष्य मिले हैं और करीब 170 करोड़ रुपए की कथित बेनामी संपत्ति जब्त की गई है।

रायपुर।  कोल लेवी मामले में EOW की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। एजेंसी की ओर से सोमवार को स्पेशल कोर्ट में अंतिम चार्जशीट दाखिल की जाएगी। मामले में 9 आरोपियों को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय, रामगोपाल अग्रवाल, IAS जयप्रकाश मौर्य और दीपेश टांक समेत अन्य नाम शामिल हैं।

पूर्व विधायक चंद्रदेव राय और कांग्रेस नेता विनोद तिवारी अदालत पहुंच चुके हैं। EOW के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेज, लेनदेन और संपत्ति से जुड़े साक्ष्यों को अंतिम आरोप पत्र में शामिल किया गया है।

जांच एजेंसी का दावा है कि कथित कोल लेवी से नेताओं को 65 करोड़ रुपए से अधिक और अधिकारियों को 36 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम मिली। एजेंसी के अनुसार अब तक 170 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

कोयला कारोबार से कथित तौर पर होती थी वसूली
ED की जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार कोल लेवी के लिए कोयला ट्रांसपोर्टरों और वाशरी संचालकों से कथित तौर पर रकम वसूली जाती थी। आरोप है कि वाशरी संचालकों से प्रति टन 100 रुपए और वाशरी से निकलने वाले कोयले पर 25 रुपए प्रति टन अतिरिक्त ट्रांसपोर्टिंग शुल्क लिया जाता था।

वसूली के लिए कोरबा और रायगढ़ में अलग-अलग व्यवस्था होने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार रकम एकत्र करने के बाद उसे नेटवर्क में शामिल लोगों तक पहुंचाया जाता था। चार्जशीट में निखिल चंद्राकर को रकम पहुंचाने वाले प्रमुख लोगों में शामिल बताया गया है।

सौम्या चौरसिया और रानू साहू पर भी रकम लेने का आरोप
ED की चार्जशीट के मुताबिक सौम्या चौरसिया ने कथित तौर पर 169 लेनदेन में 31 करोड़ रुपए लिए। वहीं निलंबित IAS रानू साहू पर 13 लेनदेन के जरिए 5.52 करोड़ रुपए लेने का आरोप लगाया गया है।

विधायक देवेंद्र यादव के संबंध में एजेंसी ने 11 लेनदेन में 3 करोड़ रुपए मिलने का दावा किया है। चार्जशीट में आरोप है कि इस रकम का इस्तेमाल खैरागढ़ उपचुनाव और उत्तर प्रदेश चुनाव में किया गया।

पूर्व विधायक चंद्रदेव राय पर सूर्यकांत तिवारी से दो बार में 46 लाख रुपए लेने का आरोप है। एजेंसी के अनुसार इसमें से 42 लाख रुपए उत्तर प्रदेश चुनाव में खर्च किए गए, जबकि 4 लाख रुपए से रायपुर की एक ज्वेलरी दुकान से 60 ग्राम सोने का हार खरीदा गया।

प्रॉपर्टी और खर्च के जरिए रकम खपाने का दावा
जांच एजेंसी ने आरोपियों के कथित खर्च और संपत्ति खरीद की भी पड़ताल की है। चार्जशीट में IAS जयप्रकाश मौर्य से जुड़े संपत्ति लेनदेन और विधायक देवेंद्र यादव से जुड़े चुनावी खर्च का उल्लेख किया गया है। पूर्व विधायक चंद्रदेव राय के मामले में ज्वेलरी खरीद को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

वॉट्सऐप चैट को भी बनाया आधार
ED की चार्जशीट में देवेंद्र यादव और सूर्यकांत तिवारी के बीच कथित वॉट्सऐप बातचीत का उल्लेख है। जांच एजेंसी के अनुसार बातचीत में रायपुर में मुलाकात, स्थान और समय के अलावा खैरागढ़ चुनाव से जुड़े संदेशों का जिक्र है। इन बातचीत के स्क्रीनशॉट भी चार्जशीट में शामिल किए गए हैं।

अब अंतिम आरोप पत्र पेश होने के बाद मामले में जांच एजेंसी के आरोपों और साक्ष्यों पर अदालत में आगे की न्यायिक प्रक्रिया होगी। उल्लेखनीय है कि चार्जशीट में दर्ज आरोप जांच एजेंसियों के दावे हैं; इन पर अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।