बिजली बिल हॉफ योजना पर सियासी घमासान
अरुण वोरा का सरकार पर हमला—100 यूनिट तक सीमित छूट से जनता को भारी झटका
दुर्ग। छत्तीसगढ़ में बिजली बिल हॉफ योजना को सीमित करने के फैसले पर सियासत तेज हो गई है। भाजपा सरकार ने 1 अगस्त से 400 यूनिट तक की 50% सब्सिडी खत्म कर दी है। अब केवल 100 यूनिट तक की खपत पर ही राहत मिलेगी। इस बदलाव से मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण वोरा ने इस फैसले को जनविरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि अगस्त माह का बिजली बिल जनता की जेब पर भारी पड़ा है और उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं मिली। 100 यूनिट से अधिक खपत करने वाले ज्यादातर परिवारों को पूरा बिल चुकाना पड़ रहा है।
वोरा ने आरोप लगाया—
“भाजपा सरकार मुफ्त बिजली का दावा कर रही है, लेकिन हकीकत यह है कि उपभोक्ताओं को दोगुना बिल भरना पड़ रहा है। हमारी कांग्रेस सरकार ने 2018 से 2023 तक 400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ योजना लागू कर हजारों परिवारों को राहत दी थी। मौजूदा सरकार ने इस जनकल्याणकारी योजना को सीमित कर गरीबों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक संकट लाद दिया है।”
उन्होंने मांग की है कि सरकार तुरंत 400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ योजना को पूर्व स्वरूप में लागू करे।
नई व्यवस्था का असर
- केवल 100 यूनिट तक छूट, उससे ऊपर पूरा बिल
- जुलाई 2025 में पहले ही 14 पैसे प्रति यूनिट दर बढ़ चुकी
- शहरी और मध्यमवर्गीय परिवारों पर सबसे ज्यादा असर
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