भिलाई स्टील प्लांट में फर्जीवाड़े पर सख्ती, भ्रष्ट ठेकेदारों के लाइसेंस सस्पेंड
फर्जी बैंक दस्तावेज और छेड़छाड़ किए गए प्रमाणपत्र देने का आरोप, कई ठेकेदार पहले भी हो चुके हैं ब्लैकलिस्ट
भिलाई | स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन ने भ्रष्टाचार और फर्जी दस्तावेजों के मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए कई ठेकेदारों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। प्रबंधन द्वारा जारी “लिस्ट ऑफ पार्टीज अंडर सस्पेंशन” में इन ठेकेदारों पर फर्जी, मनगढ़ंत और छेड़छाड़ किए गए दस्तावेज जमा करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि बैंक दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा, मटेरियल टेस्ट सर्टिफिकेट में हेरफेर और दस्तावेजों में विसंगतियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
पहले भी हो चुकी है ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई
प्रबंधन के अनुसार, इससे पहले भी लगभग तीन दर्जन ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है, जिनमें से कई को आजीवन ब्लैकलिस्ट किया गया है। ताजा कार्रवाई उसी कड़ी का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना और भ्रष्टाचार पर रोक लगाना है।
इन ठेकेदारों के लाइसेंस सस्पेंड
सेल प्रबंधन द्वारा जारी सूची के अनुसार—
एम/एस त्रिलोकी सिंह को फर्जी एवं मनगढ़ंत बैंक दस्तावेज जमा करने के आरोप में 27 जनवरी 2026 से 26 जुलाई 2026 तक निलंबित किया गया है।
एम/एस स्वास्तिक इंडस्ट्रियल एड पर फर्जी बैंक दस्तावेज देने का आरोप है। फर्म को 29 जनवरी 2026 से 28 जुलाई 2026 तक सस्पेंड किया गया है।
एम/एस पुरण एंटरप्राइजेज को मनगढ़ंत बैंक स्टेटमेंट प्रस्तुत करने के मामले में 26 जनवरी 2026 से 25 जुलाई 2026 तक निलंबन झेलना होगा।
एम/एस माथरू इंजीनियरिंग वर्क्स पर ओरिजिनल एमटीसी से अलग छेड़छाड़ किया हुआ मटेरियल टेस्ट सर्टिफिकेट जमा करने का आरोप है। इसे 21 जनवरी 2026 से 20 जुलाई 2026 तक सस्पेंड किया गया है।
एम/एस सरदार सविंदर सिंह के खिलाफ दस्तावेजों में विसंगति और पीओ के संदर्भ में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। फर्म को 22 दिसंबर 2025 से 21 जून 2026 तक निलंबित किया गया है।
एम/एस अवतार सिंह को फर्जी एवं मनगढ़ंत बैंक दस्तावेज देने के आरोप में दो अलग-अलग मामलों में 1 दिसंबर 2025 से 30 मई 2026 और 9 दिसंबर 2025 से 8 जून 2026 तक सस्पेंड किया गया है।
भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन ने दो टूक कहा है कि भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़ा और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में बिना किसी दबाव के कार्रवाई की जाएगी।
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