विदेशी निवेशकों की बिकवाली से शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 750 अंक लुढ़का

लगातार चौथे कारोबारी दिन बाजार में कमजोरी, सात दिन में एफआईआई ने निकाले 29 हजार करोड़ रुपए; अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और रुपए की गिरावट से बढ़ा दबाव

विदेशी निवेशकों की बिकवाली से शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 750 अंक लुढ़का

मुंबई (ए)। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 1 अक्टूबर को लगातार चौथे कारोबारी दिन बाजार लाल निशान में कारोबार करता नजर आया। सेंसेक्स 750 अंक यानी 1.03 प्रतिशत टूटकर 71,700 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 260 अंक यानी 1.15 प्रतिशत गिरकर 22,360 से नीचे आ गया। ऑटो और मेटल कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और रुपए की कमजोरी को बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव लगातार बढ़ रहा है। विदेशी निवेशकों की ओर से भारतीय बाजार से पूंजी निकालने का सिलसिला जारी रहने से निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ है। बीते सात दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई/एफपीआई) ने करीब 29,176 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने बाजार को संभालने के लिए खरीदारी जारी रखी है।

आंकड़ों के मुताबिक, बीते सात दिनों में डीआईआई ने 26,252 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की, जबकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली 29,176 करोड़ रुपए रही। बीते 30 दिनों में भी विदेशी निवेशकों ने 45,156 करोड़ रुपए की निकासी की है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की ओर से 74,183 करोड़ रुपए की खरीदारी दर्ज की गई।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से बढ़ी चिंता

बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की बढ़ती यील्ड भी है। 10 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 5.33 प्रतिशत और 30 साल के बॉन्ड की यील्ड 5.67 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यह 2002 के बाद का उच्चतम स्तर है। सुरक्षित निवेश विकल्पों में बेहतर रिटर्न मिलने से विदेशी निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर बॉन्ड में निवेश कर रहे हैं। इससे भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ा है।

रुपए की कमजोरी ने बढ़ाई परेशानी

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए में भी गिरावट दर्ज की गई है। रुपया कमजोर होकर प्रति डॉलर 95.98 के स्तर पर पहुंच गया। सरकारी बैंकों की ओर से डॉलर बेचकर रुपए को सहारा देने की कोशिश की गई, लेकिन मुद्रा बाजार में दबाव बना रहा। रुपए की कमजोरी से विदेशी निवेशकों के रिटर्न पर असर पड़ने की आशंका रहती है, जिससे शेयर बाजार में उनकी बिकवाली बढ़ सकती है।

मनीव्यू की बाजार में मजबूत शुरुआत

बाजार में व्यापक गिरावट के बीच डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म मनीव्यू के शेयरों ने शानदार शुरुआत की। कंपनी का शेयर 34 रुपए के इश्यू प्राइस के मुकाबले 61.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ 55 रुपए पर सूचीबद्ध हुआ। 24 से 28 सितंबर तक खुले इस आईपीओ को कुल 98.46 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में सबसे ज्यादा मांग रही, जहां यह हिस्सा 227 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ।