BSP लोहा चोरी मामले में फरार आरोपी अभय सिंह को हाईकोर्ट से राहत
मुख्य आरोपी संजय सिंह का बेटा; मूल एफआईआर में नाम नहीं होने और सह-आरोपियों को मिली जमानत का मिला लाभ
दुर्ग-भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से कथित लोहा चोरी मामले में मुख्य आरोपी संजय सिंह के पुत्र अभय सिंह को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। वह इस मामले में फरार घोषित था और उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। अदालत ने मामले की परिस्थितियों और उपलब्ध रिकॉर्ड को देखते हुए उसे शर्तों के साथ राहत प्रदान की।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की पीठ ने सुनवाई के दौरान इस तथ्य पर ध्यान दिया कि अभय सिंह का नाम मूल एफआईआर में दर्ज नहीं था और उसके खिलाफ पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने नहीं आया है। इन आधारों पर अदालत ने जमानत मंजूर की।
सह-आरोपियों को मिली राहत का भी मिला लाभ
अभय सिंह इस प्रकरण में जमानत पाने वाला तीसरा आरोपी बन गया है। इससे पहले व्यवसायी हिमांशु खंडेलवाल को अग्रिम जमानत और पूर्व बीएसपी महाप्रबंधक हिमांशु भूषण मलिक को नियमित जमानत मिल चुकी है। बचाव पक्ष ने अदालत में इन दोनों आदेशों का हवाला देते हुए समान परिस्थितियों के आधार पर अभय को भी राहत देने की मांग की थी।
निजी मुचलके पर रिहाई के आदेश
अदालत ने अभय सिंह को निजी मुचलके और समान राशि की एक जमानत प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। साथ ही उसे जांच और न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करने, गवाहों को प्रभावित नहीं करने तथा प्रत्येक सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने जैसी शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच के दौरान जुड़ा था नाम
पुलिस के अनुसार बीएसपी के ब्लास्ट फर्नेस विभाग से आयरन स्क्रैप और डस्ट की आड़ में लोहा बाहर निकालने के कथित रैकेट में संजय सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है। जांच आगे बढ़ने पर अभय सिंह की भूमिका सामने आने के बाद उसे भी आरोपी बनाया गया। मामला दर्ज होने के बाद वह फरार हो गया था और पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित कर इनाम घोषित किया था।
संजय सिंह और भास्कर मुदलियार का जेल स्थानांतरण
प्रकरण में मुख्य आरोपी संजय सिंह और पूर्व भाजपा नेता भास्कर मुदलियार को गुरुवार को दुर्ग जेल से बेमेतरा जेल स्थानांतरित कर दिया गया। हालांकि, दोनों को दूसरी जेल भेजे जाने के कारणों की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
दस्तावेजी प्रक्रिया के बाद होगी रिहाई
जमानत मिलने के बाद व्यवसायी हिमांशु खंडेलवाल जमानत संबंधी दस्तावेज लेकर भिलाई थाने पहुंचे, लेकिन आवश्यक पुलिस औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारण उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। दस्तावेजी कार्रवाई पूरी होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
suntimes 