पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों के विकास को मिली रफ्तार, 72 करोड़ के 1006 कार्यों को हरी झंडी

दुर्ग में हुई उच्चस्तरीय बैठक में लंबित परियोजनाओं की समीक्षा, 19 जिलों और 35 विधानसभा क्षेत्रों को मिलेगा फायदा

पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों के विकास को मिली रफ्तार, 72 करोड़ के 1006 कार्यों को हरी झंडी

प्रदेश में पिछड़ा वर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में दुर्ग में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं को मंजूरी देते हुए अधूरे कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में शुक्रवार को दुर्ग स्थित पीडब्ल्यूडी सभा कक्ष में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की अहम बैठक आयोजित की गई। सुबह 11 बजे से शुरू हुई इस बैठक में ग्रामीण और पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों के समग्र विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, विभागीय सचिव तथा प्रदेशभर के कलेक्टर मौजूद रहे। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट और स्वीकृत विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी की गई।

बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत 1006 विकास कार्यों के लिए करीब 72.20 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है, जिसे अब प्राधिकरण की मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 79.56 करोड़ रुपये के कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में स्वीकृत 1220 कार्यों में से 709 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 508 कार्य अभी प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने लंबित परियोजनाओं को समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश देते हुए विकास कार्यों में तेजी लाने की रणनीति बनाने पर जोर दिया।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राधिकरण का उद्देश्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों में विकास को गति देना है। यह संस्था केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित कर क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित कर रही है। वर्तमान में प्राधिकरण का बजट लगभग 80 करोड़ रुपये है।

उन्होंने बताया कि इस प्राधिकरण के माध्यम से प्रदेश के करीब 35 विधानसभा क्षेत्रों और 19 जिलों को लाभ मिल रहा है। राज्य में इस तरह के कुल पांच विकास प्राधिकरण संचालित हो रहे हैं, जो क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

धान खरीदी के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकांश किसानों की उपज की खरीदी पूरी हो चुकी है। जिन किसानों की धान सत्यापन या टोकन संबंधी कारणों से नहीं बिक पाई थी, उनके लिए अतिरिक्त दो दिन की खरीदी अवधि दी गई, ताकि उन्हें किसी प्रकार का नुकसान न हो।

इसी दिन दुर्ग में आईटी सेक्टर से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल भी सामने आई। नालंदा परिसर स्थित आईआईटी भिलाई में आयोजित कार्यक्रम में 40 आईटी कंपनियों ने आईटी पार्क में अपने सेंटर स्थापित करने की सहमति जताई। इनमें से 20 कंपनियों ने औपचारिक रूप से एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

कार्यक्रम के दौरान निवेशकों को राहत देते हुए यश ड्रीम परियोजना से जुड़े निवेशकों को उनकी राशि लौटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में प्रतीकात्मक रूप से छह निवेशकों को 20 लाख 32 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए, जबकि अन्य निवेशकों को भी जल्द भुगतान करने की बात कही गई।