प्रधानमंत्री मोदी ने आईआईटी भिलाई चरण बी निर्माण की आधारशिला रखी: शिक्षा और अनुसंधान में नया आयाम

2,257 करोड़ रुपये की परियोजना में शामिल हैं अत्याधुनिक सुविधाएँ और छात्रावास

  • छात्रों की संख्या बढ़कर 3,000 होगी; नया अनुसंधान पार्क 96 करोड़ की लागत से विकसित
  • चरण बी निर्माण अक्टूबर 2028 तक पूरा होने की संभावना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 सितंबर 2025 को वर्चुअल समारोह में आईआईटी भिलाई के चरण बी निर्माण की आधारशिला रखी। इस अवसर पर सात अन्य आईआईटी संस्थानों के चरण बी का भी उद्घाटन किया गया। चरण बी के पूरा होने के बाद आईआईटी भिलाई बुनियादी ढांचे, शोध और शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा और छात्रों को अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, व्याख्यान कक्षों, खेल और आवासीय सुविधाओं से लैस करेगा।

रायपुर। आईआईटी भिलाई के चरण बी निर्माण की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 सितंबर को रखी। यह कार्यक्रम नालंदा व्याख्यान कक्ष से वर्चुअली आयोजित किया गया, जिसमें तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा भी मौजूद थे।

चरण बी परियोजना की कुल लागत 2,257.55 करोड़ रुपये है, जिसमें 1,092 करोड़ रुपये परिसर निर्माण के लिए हैं। नए निर्माण के तहत छात्रों की संख्या 1,500 से बढ़कर 3,000 होगी। इस चरण में छात्रावास, मेस हॉल, इनडोर खेल परिसर, ओपन एयर थिएटर, कैंटीन, खेल के मैदान, स्वास्थ्य केंद्र और अनुसंधान पार्क जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। अनुसंधान पार्क की स्थापना 96 करोड़ रुपये की लागत से होगी, जो छत्तीसगढ़ का पहला होगा और अकादमिक-औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देगा।

आईआईटी भिलाई का चरण ए निर्माण 2016 में हुआ था। परिसर में स्मार्ट बिल्डिंग सिस्टम, वाई-फाई सक्षम व्याख्यान कक्ष और पर्यावरण के अनुकूल डिजाइन शामिल हैं। संस्थान ने जीआरआईएचए और एनएससीआई पुरस्कार सहित कई राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त किए हैं।

वर्तमान में आईआईटी भिलाई 1,525 छात्रों के लिए बीटेक, एमटेक, एमएससी और पीएचडी कार्यक्रम चला रहा है। चरण बी के पूरा होने के बाद संस्थान शिक्षा और अनुसंधान में अपने दायरे का विस्तार करेगा और राज्य के तकनीकी विकास को नए आयाम देगा।