छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास को रफ्तार, 51 हजार करोड़ से इन परियोजनाओं पर हो रहा काम
छत्तीसगढ़ के लिए रेलवे बजट में निरंतर बढ़ोतरी की जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 51,080 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न रेल विकास कार्य प्रगति पर हैं।
भारतीय रेलवे में बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। इससे आने वाले वर्षों में यात्रियों की सुविधाओं, परिचालन व्यवस्था और माल ढुलाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के लिए रेलवे बजट में निरंतर बढ़ोतरी की जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 51,080 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न रेल विकास कार्य प्रगति पर हैं।
इन कार्यों में रेल संरक्षा एवं सुरक्षा, तीसरी-चौथी रेल लाइन का निर्माण, माल परिवहन क्षमता का विस्तार, अतिरिक्त रेल लाइनों का विकास, स्टेशनों का पुनर्विकास तथा आधुनिक तकनीक आधारित अवसंरचना का निर्माण शामिल है। कुल मिलाकर राज्य में 1,083 रेलवे परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 845 परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति पर हैं। वहीं केंद्रीय बजट 2026-27 में रेलवे के लिए 7,470 करोड़ रुपए का बजटीय अनुदान प्रदान किया गया है।
इन परियोजनाओं पर हो रहा काम
बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी लाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 206 किलोमीटर है। इसकी लागत 2,135.34 करोड़ रुपए है। इस परियोजना के अंतर्गत अब तक 175 किलोमीटर से अधिक चौथी रेल लाइन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। जिससे इस व्यस्त रेलखंड पर परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
बिलासपुर-नागपुर रेल खंड पर बिलासपुर से गोंदिया के बीच विभिन्न खंडों (पैचों) में चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है।
दल्लीराझरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 95 किलोमीटर है। इसकी लागत 16,275.56 करोड़ रुपए है। वहीं 77.35 किलोमीटर नई रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। यह परियोजना विशेष रूप से दुर्गम एवं आदिवासी क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोडऩे की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
खरसिया-नवा रायपुर-परमालकसा नई रेल लाइन परियोजना भी प्रगति पर है। जिसकी कुल लंबाई 278 किलोमीटर और अनुमानित लागत 7,854 करोड़ रुपए है। यह परियोजना राज्य की राजधानी क्षेत्र सहित औद्योगिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों को बेहतर रेल संपर्क प्रदान करेगी।
सरदेगा-भालूमाड़ा नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी लंबाई 37.24 किलोमीटर है। इसकी कुल लागत 1,282 करोड़ रुपए है। इससे क्षेत्रीय संपर्क को सु²ढ़ करने के साथ-साथ खनिज परिवहन को अधिक सुगम बनाएगी।
रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन परियोजना, जिसकी कुल लंबाई 140 किलोमीटर है। इसकी लागत 3,513 करोड़ रुपए है, यह बस्तर अंचल को रेल नेटवर्क से जोड़ते हुए क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।
32 स्टेशनों का हो रहा पुनर्विकास
प्रदेश में अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकास किया जा रहा है। इसमें कई स्टेशेनों का उद्घाटन पीएम मोदी के द्वारा किया जा चुका है। कई स्टेशनों का कार्य चल रहा है।
वर्तमान में यहां दो वंदे भारत एक्सप्रेस ( बिलासपुर-नागपुर-बिलासपुर और दुर्ग-विशाखापट्टनम-दुर्ग) के साथ ही अमृत भारत एक्सप्रेस ब्रह्मपुर (ओडिशा)-उधना (सूरत गुजरात) के बीच चल रही है।
पिछले 10-11 साल में नई रेल पटरियों का निर्माण, संपूर्ण रेल विद्युतीकरण और 170 फ्लाईओवर व अंडरपास का निर्माण किया गया है। जिससे रेल एवं सडक़ यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम हुआ।
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