बरसात के बाद धमतरी की सड़कों को मिलेगा नया रूप, 6 परियोजनाओं पर खर्च होंगे 101 करोड़
23 किमी राज्य मार्ग का होगा डामरीकरण, पांच सड़कों की सुधरेगी हालत; आमदी में 3.50 किमी फोरलेन गौरव पथ का निर्माण
रायपुर। धमतरी जिले में सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने बड़े स्तर पर निर्माण कार्यों की शुरुआत की तैयारी कर ली है। विभाग ने 6 अलग-अलग परियोजनाओं के लिए 101 करोड़ 23 लाख 55 हजार रुपए की निविदाओं को मंजूरी दी है। इन कार्यों में सड़क चौड़ीकरण, मजबूतीकरण, डामरीकरण के साथ आमदी में फोरलेन गौरव पथ और सौंदर्यीकरण शामिल है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने संबंधित अधिकारियों को बिना देरी किए कार्यादेश जारी कर निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।
धमतरी जिले में स्वीकृत सड़क परियोजनाओं से ग्रामीण और प्रमुख संपर्क मार्गों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। लोक निर्माण विभाग ने मेघा रोड तिराहा-स्टेशन रोड-चरमुड़िया राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के 3.75 किलोमीटर हिस्से के लिए 14 करोड़ 45 लाख 12 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की है। इस मार्ग का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण किया जाएगा।
पचपेड़ी-तर्रागोंदी-भेलवाकूदा-टिपानी-सेमरा (बी) मार्ग के 5 किलोमीटर हिस्से के लिए 13 करोड़ 32 लाख 82 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं। वहीं छाती-गागरा-कंडेल-देवपुर मार्ग के 9 किलोमीटर हिस्से के सुधार पर 23 करोड़ 12 लाख 46 हजार रुपए खर्च होंगे। अर्जुनी-भानपुरी-तरसींवा-कुर्रा-अमलीडीह-हसदा सड़क के 10 किलोमीटर हिस्से के लिए 19 करोड़ 42 लाख 22 हजार रुपए की निविदा मंजूर की गई है।
इसके अलावा राजनांदगांव-गुंडरदेही-धमतरी-नगरी सिहावा-बोराई राज्य मार्ग के 23 किलोमीटर हिस्से का मजबूतीकरण और डामरीकरण किया जाएगा। इसके लिए 11 करोड़ 70 लाख 83 हजार रुपए स्वीकृत हुए हैं। इसी मार्ग में आने वाले आमदी नगर पंचायत क्षेत्र में 3.50 किलोमीटर फोरलेन गौरव पथ विकसित किया जाएगा। इसके निर्माण और सौंदर्यीकरण पर 19 करोड़ 26 लाख 10 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ समय-सीमा का भी ध्यान रखने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सभी काम विभागीय तकनीकी मापदंडों और अनुबंध की शर्तों के अनुसार कराए जाएं।
साव ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वीकृत निर्माण कार्य किसी दूसरी एजेंसी को सबलेट नहीं किए जाएंगे और कार्य निष्पादन के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी को मान्यता नहीं दी जाएगी। सभी कार्य निर्धारित अवधि में पूरे करने के साथ प्रशासकीय स्वीकृति और बजट आवंटन की सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। ठेकेदारों से अनुबंध से पहले पूरी कार्यावधि के लिए प्रभावी एपीएस की बैंक गारंटी लेना भी अनिवार्य होगा।
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