RDA विवाद से धर्मांतरण तक भूपेश बघेल के निशाने पर सरकार

केदार कश्यप के पुराने मामले का हवाला देकर उठाए सवाल, महंगाई और अस्पतालों पर कार्रवाई को लेकर भी मांगा जवाब

RDA विवाद से धर्मांतरण तक भूपेश बघेल के निशाने पर सरकार

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान राज्य सरकार पर कई मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। RDA जमीन आवंटन विवाद को लेकर उन्होंने वन मंत्री केदार कश्यप का नाम लेते हुए पुराने परीक्षा प्रकरण का जिक्र किया। इसके अलावा एलपीजी और दूध की कीमतों, आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों पर कार्रवाई, नगर निगम के विवाद और महानदी जल बंटवारे के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। धर्मांतरण को लेकर उन्होंने सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की।

रायपुर विकास प्राधिकरण की जमीन आवंटन योजना को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वन मंत्री केदार कश्यप पर निशाना साधा। मीडिया से चर्चा में उन्होंने RDA के भूखंड आवंटन से जुड़े विवाद के संदर्भ में कश्यप की पत्नी से संबंधित पुराने परीक्षा मामले का उल्लेख किया।

बघेल ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के समय परीक्षा प्रकरण में उनकी पत्नी की जगह किसी अन्य महिला के परीक्षा देने का मामला सामने आया था और बाद में उसे लेन-देन के जरिए समाप्त कर दिया गया। उन्होंने इसी पुराने प्रकरण का संदर्भ देते हुए वर्तमान RDA विवाद पर सवाल खड़े किए।

RDA की नगर विकास योजना को लेकर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि केदार कश्यप की पत्नी से जुड़ी कंपनी को कचना की जमीन के बदले सड्डू में बेहतर स्थान वाला भूखंड दिए जाने की प्रक्रिया अपनाई गई। दूसरी ओर, RDA की ओर से दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के बाद मामले में नियमानुसार निर्णय लेने की बात कही गई है।

बघेल ने महंगाई के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने एलपीजी और दूध की बढ़ती कीमतों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका असर आम परिवारों के बजट पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों पर कार्रवाई के मामले में बघेल ने सवाल किया कि यदि अनियमितताएं पहले से थीं तो कार्रवाई में देरी क्यों हुई। उन्होंने सरकार से इस पूरी प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

नगर निगम में महापौर और अधिकारियों के बीच चल रहे विवाद को लेकर भी उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि निगम में सामने आ रहा विवाद प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े करता है।

महानदी जल विवाद पर पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की मांग की। वहीं धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने सरकार से केवल चिंता व्यक्त करने के बजाय ठोस कार्रवाई करने को कहा।

RDA जमीन मामले में फिलहाल कांग्रेस के आरोपों के साथ प्राधिकरण की ओर से प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ने की बात सामने आई है। मामले में दावा-आपत्ति और संबंधित जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है