बिजली बिल भुगतान विवाद भड़का: अध्यक्ष ने लगाया मनमर्जी का आरोप, सीएमओ बोले– मुझे पूरा अधिकार

बिजली बिल भुगतान विवाद भड़का: अध्यक्ष ने लगाया मनमर्जी का आरोप, सीएमओ बोले– मुझे पूरा अधिकार

अहिवारा नगर पालिका में मंगलवार को बिजली बिल भुगतान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। अध्यक्ष विद्यानंद कुशवाहा ने सीएमओ अंकुर पांडेय पर बिना प्रस्ताव और बिना सूचना डेढ़ करोड़ रुपए खर्च करने का आरोप लगाया, जबकि सीएमओ का दावा है कि भुगतान शासन के निर्देशानुसार किया गया। विवाद की तीखी बहस के बाद स्थिति पुलिस हस्तक्षेप तक पहुंच गई।

अहिवारा | नगर पालिका अहिवारा में मंगलवार को बिजली बिल भुगतान को लेकर अध्यक्ष और मुख्य नगरपालिका अधिकारी के बीच जोरदार विवाद हो गया। अध्यक्ष विद्यानंद कुशवाहा का आरोप है कि सीएमओ अंकुर पांडेय ने करीब डेढ़ करोड़ रुपए का बिजली बिल बिना परिषद को सूचना दिए और बिना प्रस्ताव पास कराए ही भुगतान कर दिया।

सीएमओ ने अधिकार से अधिक भुगतान किया” — अध्यक्ष

अध्यक्ष का कहना है कि सीएमओ के पास सिर्फ 50 हजार से 1 लाख रुपए तक का भुगतान करने का अधिकार है। लेकिन उन्होंने अपने अधिकार से कई गुना अधिक राशि टैक्स की रकम में से खर्च कर दी।

विद्यानंद कुशवाहा ने कहा कि बिजली बिल पटाने का विरोध नहीं है, लेकिन इतनी बड़ी राशि परिषद में चर्चा के बाद ही खर्च की जानी चाहिए थी।

इस दौरान परिषद में जमकर बहस हुई, जिसका वीडियो भी सामने आया है।

एक साल से लंबित था बिजली बिल

पालिका अध्यक्ष और पार्षदों ने आरोप लगाया कि सीएमओ एक साल से अधिक समय से बिजली बिल का भुगतान नहीं कर रहे थे, जबकि हर महीने पालिका को ब्याज मद में करीब 3 लाख रुपए की राशि मिलती है, जिससे भुगतान किया जा सकता था।

उनका कहना है कि जनता से मिले टैक्स का पैसा विकास कार्यों के लिए होता है, लेकिन सीएमओ ने वही राशि खर्च कर दी।

बहस बढ़ी, पुलिस पहुंची

अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ सीएमओ की तीखी बहस होती रही। मामला इतना बढ़ गया कि स्थिति संभालने के लिए पुलिस को आना पड़ा।

सीएमओ का पलटवार— “शासन के निर्देश पर भुगतान किया”

सीएमओ अंकुर पांडेय ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि बिजली बिल भुगतान में किसी भी तरह के अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होती।

उन्होंने कहा—

“शासन का निर्देश है कि बिजली बिल का भुगतान प्राथमिकता से किया जाए। एकल हस्ताक्षर से सीएमओ भुगतान कर सकता है। मैंने नियमों का पालन किया है।”

अध्यक्ष का बड़ा आरोप— “भ्रष्टाचार छिपाने के लिए अकाउंट खाली किया जा रहा”

विद्यानंद कुशवाहा ने आरोप लगाया कि सीएमओ पर भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप लगे हैं और इसी कारण वे पालिका खाते की राशि खत्म कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वायरल ऑडियो में घूस मांगने के आरोपों की जांच से सीएमओ बच रहे हैं।

अध्यक्ष ने कहा कि वे इस पूरे मामले को लेकर कोर्ट जाएंगे और सीएमओ को लीगल नोटिस भेजेंगे।