पुतला दहन मामले में राकेश ठाकुर समेत 9 कांग्रेस नेताओं की कोर्ट में पेशी
दुष्कर्म के विरोध में प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी हुआ था झुलसा, उतई पुलिस ने दर्ज किया था केस
दुर्ग। पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म के विरोध में अप्रैल में हुए कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान गृहमंत्री विजय शर्मा का पुतला जलाने और पुलिसकर्मी के झुलसने के मामले में गुरुवार को जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर समेत नौ कांग्रेस नेता दुर्ग कोर्ट में पेश हुए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पुतला हटाने को लेकर हुई खींचतान में एक आरक्षक आग की चपेट में आ गया था। मामले में उतई पुलिस ने पहले अज्ञात लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। बाद में जांच के आधार पर नौ कांग्रेस नेताओं को आरोपी बनाया गया।
मामला अप्रैल 2026 का है। मिनी माता चौक पर जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर के नेतृत्व में कांग्रेस ने पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या की कोशिश के विरोध में प्रदर्शन किया था। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शन के बाद गृहमंत्री विजय शर्मा का पुतला दहन किया गया।
पुतला हटाने के दौरान पुलिसकर्मी झुलसा
पुतला दहन के दौरान पुलिस ने आग बुझाने और पुतले को हटाने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच खींचतान की स्थिति बन गई। घटना में आरक्षक गिरधर मंडावी का हाथ आग की चपेट में आ गया और वे झुलस गए। सामने आई जानकारी के अनुसार दो पुलिसकर्मी भी आग की चपेट में आए थे। इनमें से एक आरक्षक को उपचार के लिए सेक्टर-9 अस्पताल भेजा गया था।
मई में हुई थी नौ नेताओं की गिरफ्तारी
घटना के बाद उतई पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती तौर पर आरोपियों की पहचान स्पष्ट नहीं होने के कारण अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने राकेश ठाकुर समेत नौ कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद सभी को मुचलके पर रिहा कर दिया गया था।
आरोपियों में जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर, पूर्व पार्षद प्रहलाद वर्मा, नेता प्रतिपक्ष द्वारिका साहू, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष डिकेंद्र हिरवानी, गुलशन शर्मा, जिला सचिव लोचन यादव, मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र बंजारे, सत्यप्रकाश कौशिक और दिवाकर गायकवाड़ शामिल हैं।
जिस घटना को लेकर प्रदर्शन हुआ, उसमें आरोपी को उम्रकैद
कांग्रेस ने जिस पांच वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के विरोध में प्रदर्शन किया था, उस मामले में विशेष न्यायालय (POCSO), दुर्ग ने आरोपी धनेंश्वर साहू उर्फ जनता को दोषी ठहराया है। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा अलग-अलग धाराओं में सात साल, दस साल और सात साल के सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई गई है। आरोपी पर कुल 13 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। सजा का आदेश सितंबर 2026 में जारी हुआ था।
राकेश ठाकुर बोले- पुलिस को पहले से दी थी कार्यक्रम की सूचना
कोर्ट में पेशी के दौरान राकेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन बच्ची से दुष्कर्म और क्षेत्र में कथित अवैध शराब बिक्री के विरोध में था। उनका आरोप है कि दुष्कर्म का आरोपी अवैध शराब के कारोबार से भी जुड़ा था और इस संबंध में पहले शिकायतें की जा चुकी थीं।
ठाकुर ने कहा कि पुतला दहन कार्यक्रम की सूचना पुलिस को पहले ही दे दी गई थी और मौके पर पुलिस बल भी मौजूद था। उनके मुताबिक पुलिस द्वारा पुतला छीनने के प्रयास के दौरान आग की घटना हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
suntimes 