एशियन गेम्स में भारत का पदक शतक की ओर बढ़ा कदम, 71 मेडल हुए
जन्मदिन पर लवलीना ने मुक्केबाजी में दिलाया गोल्ड, पुरुष रिकर्व टीम ने जीता सिल्वर; 2018 के जकार्ता खेलों का रिकॉर्ड पीछे छूटा
नागोया (जापान)। एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रतियोगिता के 13वें दिन भारत को मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन ने स्वर्ण पदक दिलाया, जबकि पुरुष रिकर्व तीरंदाजी टीम ने रजत पदक हासिल किया। लवलीना के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही, क्योंकि उन्होंने अपने जन्मदिन पर गोल्ड जीतकर इसे यादगार बना दिया। भारत के खाते में अब 12 स्वर्ण सहित कुल 71 पदक दर्ज हो चुके हैं।
एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शुक्रवार को कई खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मुक्केबाजी और तीरंदाजी में मिली सफलता के साथ भारत की पदक संख्या 71 तक पहुंच गई। जापान के नागोया में जारी खेलों में भारत अब पदक तालिका में छठे पायदान पर है।
मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल पर मुहर लगाई। जन्मदिन के दिन मिली इस कामयाबी ने उनकी खुशी दोगुनी कर दी। इससे पहले हांगझोऊ एशियन गेम्स में उन्हें फाइनल में हार के बाद सिल्वर से संतोष करना पड़ा था। इस बार उन्होंने अपने अनुभव और रणनीति के दम पर खिताबी मुकाबला जीत लिया। सेमीफाइनल से लेकर फाइनल तक उन्होंने विरोधियों के आक्रामक खेल का सामना करते हुए जवाबी पंचों से अंक जुटाए।
दूसरी ओर पुरुष रिकर्व तीरंदाजी में भारतीय टीम ने सिल्वर मेडल जीता। संजय भोगे, धीरज बोम्मदेवरा और नीरज चौहान की टीम ने सेमीफाइनल में ईरान को 6-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि खिताबी मुकाबले में दक्षिण कोरिया ने भारतीय टीम को 5-1 से शिकस्त दी। तीसरे सेट में भी भारतीय तीरंदाजों को करीबी अंतर से हार का सामना करना पड़ा।
भारत के लिए यह उपलब्धि इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश ने 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में मिले 69 पदकों के आंकड़े को पार कर लिया है। हालांकि 2023 में चीन के हांगझोऊ में भारत ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 107 पदक जीते थे। मौजूदा प्रतियोगिता में अभी कई मुकाबले शेष हैं, ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों के पास पदक संख्या में और इजाफा करने का अवसर है।
कुश्ती में दीपांशी ने भी भारत की उम्मीदों को बनाए रखा। महिला 50 किलोग्राम वर्ग के रेपेचेज मुकाबले में उन्होंने कंबोडिया की डिट सैम्नांग को 10-0 से हराकर कांस्य पदक के मुकाबले में प्रवेश किया। अब उनका सामना कजाकिस्तान की जेनैप बायानोवा से होगा। वहीं मुक्केबाजी में अंकुश और परवीन के फाइनल मुकाबलों पर भी भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें टिकी हैं।
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